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व्रत के नियम
व्रत के प्रकार
निर्जला व्रत
24 घंटे
बिना पानी के व्रत रखना। यह सबसे कठिन व्रत है और केवल अनुभवी लोगों को करना चाहिए।
जल व्रत
24 घंटे
केवल पानी पीकर व्रत रखना। फल और अन्य खाद्य पदार्थ नहीं खाना चाहिए।
फलाहार व्रत
24 घंटे
केवल फल खाकर व्रत रखना। दूध, दही और फलों का सेवन कर सकते हैं।
एक समय भोजन
24 घंटे
दिन में केवल एक बार भोजन करना। सुबह या शाम में एक बार सात्विक भोजन करें।
नियम
व्रत से पहले
व्रत रखने से एक दिन पहले हल्का और सात्विक भोजन करें। रात को जल्दी सोएं और सुबह जल्दी उठें।
व्रत के दौरान
व्रत के दौरान मन को शांत रखें, भगवान का नाम जपें और पूजा-पाठ करें। नकारात्मक विचारों से बचें।
व्रत तोड़ने का समय
व्रत को सही समय पर तोड़ना चाहिए। सूर्योदय या सूर्यास्त के समय व्रत तोड़ना शुभ माना जाता है।
व्रत के बाद
व्रत तोड़ने के बाद हल्का और सात्विक भोजन करें। तुरंत भारी भोजन न करें।
लाभ
- •शरीर और मन की शुद्धि होती है
- •आत्मिक शक्ति बढ़ती है
- •मन की एकाग्रता बढ़ती है
- •शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार होता है
- •आध्यात्मिक विकास होता है
- •इच्छा शक्ति मजबूत होती है
- •मन की शांति मिलती है
सावधानियां
- •गर्भवती महिलाओं को डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए
- •बीमार व्यक्ति को व्रत नहीं रखना चाहिए
- •बच्चों और बुजुर्गों को हल्का व्रत रखना चाहिए
- •व्रत के दौरान अधिक शारीरिक श्रम न करें
- •पानी की कमी न होने दें
- •चक्कर आने पर व्रत तोड़ दें
- •स्वास्थ्य समस्याएं होने पर व्रत न रखें
व्रत तोड़ना
समय
सूर्योदय या सूर्यास्त के समय
विधि
पहले जल ग्रहण करें, फिर हल्का भोजन करें
स्वीकृत भोजन
- ✓फल (केला, सेब, संतरा)
- ✓दूध या दही
- ✓खिचड़ी या दलिया
- ✓सब्जी का सूप
- ✓नारियल पानी