← Back

शीतला माता की आरती

जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता। आदि ज्योति महारानी सब फल की दाता ॥ ॐ जय शीतला माता...॥ 1 ॥ रतन सिंहासन शोभित, श्वेत छत्र भाता । ऋद्धि-सिद्धि चँवर डोलावें, जगमग छवि छाता ॥ ॐ जय शीतला माता...॥ 2 ॥ विष्णु सेवत ठाढ़े, सेवें शिव धाता । वेद पुराण वरणत पार नहीं पाता ॥ ॐ जय शीतला माता...॥ 3 ॥ इन्द्र मृदङ्ग बजावत चन्द्र वीणा हाथा । सूरज ताल बजावै नारद मुनि गाता ॥ ॐ जय शीतला माता...॥ 4 ॥ घण्टा शङ्ख शहनाई बाजै मन भाता । करै भक्त जन आरती लखि लखि हर्षाता ॥ ॐ जय शीतला माता...॥ 5 ॥ ब्रह्म रूप वरदानी तुही तीन काल ज्ञाता । भक्तन को सुख देती मातु पिता भ्राता ॥ ॐ जय शीतला माता...॥ 6 ॥ जो जन ध्यान लगावे प्रेम शक्ति पाता । सकल मनोरथ पावे भवनिधि तर जाता ॥ ॐ जय शीतला माता...॥ 7 ॥ रोगों से जो पीड़ित कोई शरण तेरी आता । कोढ़ी पावे निर्मल काया अन्ध नेत्र पाता ॥ ॐ जय शीतला माता...॥ 8 ॥ बांझ पुत्र को पावे दारिद्र कट जाता । ताको भजै जो नाहीं सिर धुनि पछताता ॥ ॐ जय शीतला माता...॥ 9 ॥ शीतल करती जन की तू ही है जग त्राता । उत्पत्ति बाला बिनाशन तू सब की माता ॥ ॐ जय शीतला माता...॥ 10 ॥ दास नारायण कर जोरी माता । भक्ति आपनी दीजै और न कुछ माता ॥ ॐ जय शीतला माता...॥ 11 ॥

अधिक आरती संग्रह देखें

←Back